अनाथ जवानी 5 से 6
अनाथ जवानी 5 अब्दुल ने पूछा "भैया आज क्या काम करना है।" सुभाष बाबू ने एक लंबी सांस लेते हुए पूछा "हां, काम की बात तो मैं करना ही भूल गया। फिर तुम्हें काम की इतनी जल्दी क्या है? पहले अपने घर परिवार के बारे में तो कुछ बताओ..." जिंदगी के लंबी जद्दोजहद के बीच अब्दुल के परिवार के बारे में पहली बार किसी ने किसी अजनबी ने उससे इतनी आत्मीयता से पूछा था। अब्दुल थोड़ा भावुक होते हुए बोला "भैया, पांच बच्चों का पिता हूं और एक पत्नी है।" अरे भाई "इतना तो तुमने उस दिन पहली मुलाकात में भी बताया था। अपने मां बाप और गांव यानी जन्मस्थान के बारे में बताओ..." इस सवाल से अब्दुल बिल्कुल ही रूआंसा होते हुए बोला। "अनाथ हूं, भैया।" मतलब हां, भैया अनाथ हूं, आखिर कोई तो होगा... बहुत लोग थे, लेकिन अब कोई नहीं और अगर हैं भी तो मुझे पता नहीं.. मैं कुछ समझा नहीं, अब तक अब्दुल के आंखों में आसूं की बूंदे आ चुकी थी। कुछ देर मौन रहने के बाद खुद को संभालते हुए बोला। मुझे बहुत ज्यादा तो याद नहीं लेकिन इतना याद है कि मेरे अब्बू एक कसाई थे। आस पड़ोस से भेड़ बकरियां खरीद कर आ...